भारत : ऐतिहासिक संदर्भ
भारत का वर्णन विष्णु पुराण (२.३.१)इस प्रकार करता है उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्। वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः। अर्थात समुद्र के उत्तर में और हिमालय के दक्षिण में जो देश है उसे भारत कहते हैं तथा उसकी संतानों (नागरिकों) को भारती कहते हैं। भारत नाम के संदर्भ भारत के प्राचीन ग्रंथों मे निर्विवाद रूप से मिलते है। इसका वर्णन भारत एक: नाम अनेक के रूप मे किया जा सकता है। ऋग्वैदिक संदर्भ - जन॑स्य गो॒पा अ॑जनिष्ट॒ जागृ॑विर॒ग्निः सु॒दक्ष॑: सुवि॒ताय॒ नव्य॑से । घृ॒तप्र॑तीको बृह॒ता दि॑वि॒स्पृशा॑ द्यु॒मद्वि भा॑ति भर॒तेभ्यः॒ शुचि॑ : ऋग्वेद 5/11/1 वि॒श्वामि॑त्रस्य रक्षति॒ ब्रह्म॒दं भार॑तं॒ जन॑म् ऋग्वेद 3/53/12 व्यष्टिं व्यानशे येऽयं भरतानां शतपथ ब्राह्मण (13/5/4/11) ऋग्वेद में हिमालय और मुजावंत पर्वत उत्तर में स्थित बताया है। ऋग्वेद के नदी सूक्त में 21 नदियों का उल्लेख है, जिनमें पूर्व में गं...